भारतीय नोटों से जुड़ा यह राज़ जानकार आप भी हो जायेंगे हैरान - a2zfact | all facts

भारतीय नोटों से जुड़ा यह राज़ जानकार आप भी हो जायेंगे हैरान

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हम रोज ही कोई ना कोई सामान खरीदने के लिए या किसी बिल को भरने के लिए भारतीय नोटों या फिर सिक्कों का इस्तेमाल करते हैं लेकिन आप इन नोटों और सिक्कों से सम्बंधित कई बातों से आज भी अनजान होंगे | आज हम आप सबको इन नोटों और सिक्कों से जुडी ऐसी कई बताएँगे जिन्हे जानकर आप भी दाँतों तले उंगली दबा लेंगे |

आज़ादी के बाद चूँकि पाकिस्तान में नोट छापने वाली कोई मशीनरी नहीं थी इसलिए पाकिस्तान में भारत के छपे हुए नोट ही चला करते थे | फर्क सिर्फ इतना था कि पाकिस्तान इन नोटों का इस्तेमाल अपने देश का स्टाम्प लगाकर करता था और जब वहाँ नोट बनाने की मिल की स्थापना हो गयी तब वहाँ भारत के नोट चलना बंद हो गए |

आज़ादी के बाद जब 5 रुपये के सिक्के का निर्माण शुरू हुआ तब उसकी तस्करी भी शुरू हो गयी | बांग्लादेश के कुछ तस्कर इन सिक्कों की तस्करी ब्लेड के निर्माण हेतु करते थे क्योंकि जिस धातु से भारत में 5 के सिक्के का निर्माण होता था | उसी सिक्के का इस्तेमाल बांग्लादेश में ब्लेड बनाने के लिए किया जाता था | एक 5 के सिक्के से 6 ब्लेड का निर्माण किया जाता था और एक ब्लेड की कीमत रुपये हुआ करती थी लेकिन जब भारत सरकार को इस बारे में भनक लगी तब उन्होंने 5 रुपये के सिक्के को बनाने हेतु इस्तेमाल होने वाली धातु को ही बदल दिया |

सभी प्रकार के नोटों को जारी करने के अधिकार सिर्फ 'भारतीय रिजर्व बैंक' के पास ही होता है एवं उन सभी पर रिजर्व बैंक के गवर्नर के हस्ताक्षर होते हैं सिवाय 1 रुपये के नोट के | इस नोट को केवल वित्त मंत्रालय ही जारी कर सकता है और उन पर केवल वित्त सचिव के हस्ताक्षर होते हैं |

एक 10 रुपये के नोट को बनाने में लगभग 6 रुपये 10 पैसे का खर्च आता है |

हर भारतीय नोट पर एक अलग तरह कि तस्वीर जरूर छपी होती है | जैसे 20 रुपये के नोट पर अण्डमान द्वीप की तस्वीर अंकित रहती है, जबकि 500 रुपये के नोट पर आज़ादी के आंदोलन का चित्र अंकित रहता है | 10 रुपये के नोट पर कई जानवर जैसे शेर, हाथी एवं गैंडे की तस्वीर बनी रहती है और 100 रुपये के नोट पर बादलों का चित्र छपा रहता है |

क्या आपको पता है कि 5 हजार और 10 हजार रुपये के नोट भी कभी इस्तेमाल हुआ करते थे | जी, हाँ सन 1954 से सन 1978 तक इन नोटों को बहुत इस्तेमाल किया जाता था लेकिन बाद में इन्हें बंद कर दिया गया |

इन सभी नोटों में हिंदी और इंग्लिश की भाषा के अतिरिक्त अन्य कुल 16 भाषाओं का भी इस्तेमाल होता है | इन भाषाओं में मलयालम, नेपाली, तेलुगु, कन्नड़, मराठी, कश्मीरी, उड़िया, संस्कृत, तमिल, कोंकणी, बंगाली, मराठी, पंजाबी, उर्दू, असमी एवं गुजराती भाषाएँ प्रमुख हैं |

नेपाल से अक्सर 500 एवं 1000 रुपये के नकली नोटों की खेप पकड़ी जाती है | इसलिए वहाँ पर 500 एवं 1000 रुपये को नोटों पर प्रतिबन्ध लगा हुआ है | यदि नेपाल में आपके पास 500 या 1000 रुपये के नोट पाये गए तो आपको कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है |

यदि आप अपने कंप्यूटर या लैपटॉप में रुपये के निशान का चिन्ह (₹) लिखना चाहते हैं तो आप 'Ctrl+Shift+$' का बटन एक साथ दबाकर इस निशान (₹) को लिख सकते हैं |

हर सिक्के की ढलाई की अपनी एक पहचान होती है | यदि आपको जानना है कि कोई सिक्का देश के कौन से स्थान पर ढला है तो आप यह बड़ी आसानी से कर सकते हैं | हर सिक्के के निशान के नीचे उसके ढलाई का साल लिखा रहता है | सिक्के में अंकित किये गए वर्ष के ठीक नीचे एक निशान बना रहता है जो बताता है कि सिक्का कहाँ पर ढला है ? यदि उसके नीचे डॉट का निशान है तब इसका मतलब है कि सिक्का नोएडा में ढला है | यदि सिक्के के नीचे डायमंड का निशान अंकित है तब इसका अर्थ है कि सिक्का हैदराबाद में ढला है | इसी तरह अन्य ढलाई के जगहों के बारे में भी बताया जा सकता है |