प्राचीनकाल से ही हम
भारतीय भोजन के वक़्त घी को साथ में लेकर बैठना नहीं भूलते | अधिकतर लोग घी को सिर्फ
भोजन का स्वाद बढ़ने वाला तत्व मानते हैं | लेकिन क्या आपको पता है कि क्यों हमारे पूर्वजों
के द्वारा घी का सेवन किया जाता था ? इस प्रश्न का जवाब आपको हमारे आयुर्वेद में मिलेगा
| आयुर्वेद के अनुसार यह ना सिर्फ शरीर को ऊर्जावान बनाता है बल्कि इसमें उपस्थित तत्व
हमारे आँखों की ज्योति को तेज़ करने में भी हमारी मदद करते हैं |
घी में कई तरह के फायदे
छुपे होते हैं | इसमें पोटेशियम, कैल्शियम जैसे कई तरह के पोषक तत्व मौजूद होते हैं
जो हमारे हॉर्मोन्स के लिए फायदेमंद होते हैं | शायद इसीलिए खाने में हम लोग मक्खन
के स्थान पर घी का इस्तेमाल करते हैं क्योंकि घी में मौजूद 'शॉर्ट चैन फैटी एसिड' हमारे
भोजन को पचाने में हमारी मदद करते हैं | इसके विपरीत मक्खन में 'लॉन्ग चैन फैटी एसिड'
होता है जो हमारे शरीर के लिए स्वास्थ्यवर्धक नहीं रहता | आइये आज हम आपको घी से होने
वाले फायदों के बारे में बताते हैं |
जब हम घी बनाते हैं
तो अपनी आखिरी अवस्था में यह तीन परतों में मौजूद रहता है | शुरुआती परत पानी वाली
रहती है जिसे हम निकाल लेते हैं | दूसरी परत में हम दूध का ठोस भाग निकाल लेते हैं उसके
बाद बची रह जाती है तीसरी और चर्बी वाली परत | इस भाग में मौजूद 'लाईनोलीक एसिड' आपके
शरीर का वजन कम करने में आपकी भरपूर सहायता करता है |
यदि आपको किसी भी तरह
की आँखों की समस्या है तो आप काली मिर्ची को एक चमच्च घी के साथ मिश्रित करके खाइये एवं इसके तुरंत बाद एक
गिलास दूध पीजिये | आपकी आँख से सम्बंधित हर समस्या दूर हो जाएगी |
एक गिलास गर्म दूध
के साथ इसे मिलाकर पीने से किसी भी प्रकार की मानसिक या शारीरिक थकान का कुछ ही पल
में निवारण हो जाता है | किसी भी तरह की कमजोरी होने पर भी इसका सेवन करने से आपको
तुरंत राहत मिलेगी |
यदि आपको बार-बार खांसी
आ रही है तो गाय का घी सीने में मलिए आपको तुरंत आराम मिलेगा | यदि अधिक मात्रा में
गोली लेने से आपके शरीर में अत्यधिक जलन या गर्मी उत्पन्न हो गयी है या आपको होंठो
में बार-बार छाले पड़ रहे हैं तब ऐसे समय में घी का सेवन आपके लिए फलदायी साबित हो सकता
है |
यदि आप रोज एक चम्मच
घी को गाय के दूध एवं मिश्री में मिलाकर पिएंगे तो आपको किसी भी तरह कि थकान का सामना
नहीं करना पड़ेगा | ऐसा कहा जाता है कि यदि आपको वृद्धावस्था में भी अपने चेहरे एवं
शरीर में चमक बरक़रार रखनी है तो आपको रोज काली गाय के घी का सेवन करना चाहिए |
यह ना केवल हमारे जोड़ों
के दर्द को कम करने में हमारी मदद करता है बल्कि आसानी से पचने के कारण यह हमारे शरीर
में मौजूद घातक पदार्थों को हमारे आहारनाल से बाहर निकालने में भी हमारी मदद करता है
| अत्यधिक बाहर का खाना खाने के कारण हमें 'गेस्ट्राईटीस' नामक रोग जिससे हमारे पेट
में सूजन हो जाती है होने का खतरा रहता है | इस खतरे को नष्ट करने में घी हमारी बहुत
सहायता करता है |
यदि किसी को स्तन कैंसर
की समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है या फिर कोई किसी भी प्रकार के कैंसर से पीड़ित है
तो उसे गाय के घी का इस्तेमाल करना चाहिए | गाय के घी मौजूद तत्व कैंसर के लक्षण को
कम करने में आपकी सहायता करते हैं |
अधिकतर स्त्रियों को
प्रदर रोग की समस्या से जूझना पड़ता है | इस स्थिति में उन्हें चीनी को पीसकर गाय के
घी में मिलाकर काले चने के साथ मिश्रित करना चाहिए एवं इसका मिश्रण तैयार होने पर इसके
लड्डू बनाकर उनका सेवन करना चाहिए | इस तरह शीघ्र ही आपको प्रदर रोग से मुक्ति मिल
जाएगी |
